Friday, April 25, 2008
प्यास बुजती नही
एक बार फ़िर से अब्बु और भै ने मुझे चोदा उस दिन हुअ ये था कि मैन बहुत चुदासि थि और अम्मि नानि के घर गयि हुइ थि ये तो आप लोग जानते हि है कि मेरि फलि चुदायि भि अब्बु ने हि कि थि और फ़िर अम्मि ने भै से भि चुदवाया था और अब वो लोग अकसर मुझे चोदा करते थे मगर इधर बहुत दिन से अब्बु अम्मि कि फ़ैलि हुइ चूत मे मसत थे और भै ने कोइ 2सरि ग/फ़ फ़सा लि थि और मुझपे धयान देना चोद हि दिया था तब आखिर अम्मि के बहर जाते हि मैने सबसे फले अपनि झानते बनायि और रात कलो अब्बु के रूम मे गयि अब्बु कोइ मूविए देख रहे थे और मुझे देख कर बोले बेति कया हुअ आज बहुत दिन बाद अब्बा कि याद आयि तब मैने कहा आप तो अम्मि जान कि चूत मे हि फ़से रहते है अब आपको मेरा ज़रा भि खयाल नहि आपने मुझे कितने दिनो से नहि चोदा है तब अब्बु ने दुलार जताते हुए कहा ऊऊओह्हह्ह मेरि पयारि रानि बेति आजा आज तुझे फ़िए से चोदता हून और ये ख कर उनहोने द।व।द चनगे कर दि अब उसमे एक ब/फ़ चलने लगि जिसमे एक 14 साल कि लदकि को 5 आदमि चोद रहे थे जिसे देख कर मेरि आनखेन बहर आ गयि और मैने अब्बु से कहा अब्बा ये बछि इन 5चो को एक साथ झेल रहि है और उसको कितना मज़ा आ रहा है जबकि इसकि अगे भि अभि जयादा नहि 14।।।15 साल कि होगि तब अब्बु बोले मेरि बछि ये साले अनगरेज लोग ऐसे हि होते है सालि इतनि सि है और तुम खुद हि देखो कैसे मज़े ले।।लेकर 5।।।
5 लनदोन का मज़ा एक साथ ले रहि है जबकि इसमे एक इसका बाप और एक भै के अलावा 3 बहर वाले है अब ये सब देख कर भला मेरि चूत मे खाज़ कयून नहि उथति तब मैने अब्बु से कहा अब्बु मैन तो आप और भै से हि चुदवकर पनाह मानग जाति हून तब अब्बु ने कहा जा बगल के रूम से अफ़ाक को बुला ला साला लनद पकदे सो रहा होगा तब मैन भै के रूम कि तरफ़ बदि और देखा तो सच मे वो अपने लनद को हाथ मे लेकर सदका मार रहा था मैन जलदि से बदते हुए बोलि हाय भैयया कया गज़ब कर रहे हो भला घर मे इतनि खूबसुरत बहन होते हुए तुमहे ये सब करना पदे तो लानत है मेरि जवानि पे और मैने झत से उनका लनद अपने कोमल हाथ मे ले लिया और बदे पयार से शलाने लगि और जलदि।।।जलदि हाथ आगेय पीचे करने लगि और फ़िर झत से मुह मे लेकर चूसने लगिऔर तब भै का लनद पूरि औकात मे आ गया और वो मेरे बालोन को पकदते हुए जोर जोर से धक्का मारने लगे और फ़िर जलदि हि उनका पानि मेरे मुह मे गिरा जिसे मैन चपर।।।चपर करते हुए चात गयि और भै से बोलि चलो अब्बु बुला रहे है आज फ़िर से तुम 2नो मुझे चोदकर मज़ा दो और भै को ननगा हि उनका लनद पकद कर अब्बु के रूम मे ले आयि और भै को देखते हि अब्बु बोले मैने कहा था साला मुथ मार रहा होगा तब मैने कहा अब्बु आप बहुत तजुरबेदार है सच मे भै सदका मार रहे थे और फ़िर मैने अब्बु का लनद अपने मुह मे ले लिया और भै पीचे से मेरि गानद पे अपना लनद रगदते हुए अनदर दालने कि कोसिस करने लगे तब मैने कहा अब्बु जि मैन भि ब/फ़ वालि लदकि कि तरह 5 जन से एक साथ हि चुदाना साहति हून तब अब्बा ने खा बेति तु नहि झेल पायेगि एक साथ 5।।।
5 को मगर मैन तो पूरि तरह से चुदासि हो हि चुकि थि मैने कहा कान खोल के सुन लो आप 2नो मुझे 5जन से एक साथ चुदाना है तो चुदाना है अगर कल आप लोग ने मुझे 5 जन से नहि चुदवाया तो बहुत बुरा होगा तब अब्बु ने कहा अछा अछा मेरि रानि बेति मैन तो तेरे भले के लिये हि ख रहा था अगर तेरि चूत फ़त गयि तो परेसानि तो हमि लोगोन को होगि मगर जब तु नहि मान रहि तो मेरे बला से अब चल आज तो हुम दोनो से चुदवा ले और ये ख कर उनहोने फ़िर से अपना मूसद ऐसा लनद मेरे मुह मे जोरदार धक्के के साथ अनदर धकेल दिया और तभि भै ने पीचे से मेरि गानद फ़ैलकर इतनि जोर से धक्का मारा कि मुझे नानि याद आ गयि ऊऊऊऊउईईईई माआआआआआआ मर गयि आआआआह्हह्हह्हह्ह भै जरा धीरे से धक्का मारो तु तो ननि याद दिला रहा है तब अब्बु ने कहा बेति साहे जिसका नाम ले पर नानि का नाम ना ले तब मैने कहा कयून तब अब्बु बोले तेरि नानि कि चूत मैने मारि थि और कै साल तक मैन उसकि चूत चोदता रहा था तब मेरे साथ साथ भै का मुह भि खुला रह गया तब भै ने कहा अब्बु कया आपने ननि को चोदा है तब अब्बु ने कहा हान यार सालि मेरि सास बहुत मसतानि थि तुझे तो पता हि है कि तेरि अम्मि कि कम उमर मे सादि हुइ थि जब मेरि सादि हुइ थि मैन 19 साल का था और तेरि अम्मि 16 साल कि थि और मेरि सास सिरफ़ 30 साल कि थि मगर मेरे ससुर कि उमर करीब 40साल थि वो तुमहारि ननि को खुस भि नहि कर पाता था जाने भि दो इन बातोन को अभि तो फ़िलहाल चुदायि का मज़ा लो उसकि चुदायि के बारे मे फ़िर कभि बताउनगा और तब भै पीचे से मेरि गानद मार रहे थे और अब्बु आगेय मेरे मुह मे अपने लनद को धक्के लगा रहे थे अब मुझे भि मसति आने लगि और मैन अपने मुह और गानद को आगेय पीचे करते हुए धक्के लगाने लगि थि और तब भै झद गये थे मगर अब्बु जि अभि भि नहि झदे थे और उनहोने मुझे बेद पे खदा होने को कहा मैन खदि हो गयि और तब अब्बु ने मेरे दोनि पैर अपने कनधेय के दयन।।।बयन करे और मेरि चूत को मुह मे भर कर चूसने लगे मैन बुरि तरह तप रहि थि और अपने अब्बु का मुह जोर।।।जोर से अपनि चूत पे दबाने लगि तब हि अब्बु खदे होने कि कोसिस करने लगे और मेरा बलनसे बिगदने लगा तब मैने घबरा कर कहा आआआअह्हह्हह्ह अब्बु कया कर रहे है मैन गिर जाउनगि मगर अब्बु नहि माने और वो मुझे अपने कनधे पे बैथा कर खदे हो गये अब मैन अपनि 2नो तानगेय उनकि गरदन मे कस कर लपेते हुए थि और अपनि चूत को उनके मुह से दबाते हुए उनके सिर को भि जोर।।।
जोर से दबा रहि थि और भै आनख फ़ादे हुए अब्बु के इस पोसे को देख रहा था और कसम से मज़ा तो हमे भि बहुत आ रहा था इस तरह से कोइ फलि बार मेरि चूत चात रहा था और थोदि देर बाद हि मैन ऊऊऊऊऊओह्हह्हह्हह्ह ऊओह्हह्हह्हह्ह आआआआआआह्हह्हह्हह आआआअह्हह्हह्हह्ह करते हुए झद गयि और अब्बु का रस भि नीचे से पिचकारि कि तराह भ गया और तब अब्बु मुझे नीचे उतारते हुए बेद पर लिथकर तुरनत अपने झदे हुए लनद को मेरे 2नो चूचियोन के बीच मे रगदने लगे और मैन उनके नोक कि तराह लनद कि तोपि को मुह मे लेने कि कोसिस कर रहि थि पर अब्बु जलदि।।।।जलदि आगेय।।।पीचे कर रहे थे तब मैने कहा अब्बु अपना लनद मेरे मुह मे दिजिये आपका सारा माल बेकार हि जाया हो रहा है तब अब्बु ने अपने लनद को 2नो चूचि के बीच से मेरे मुह मे दाल दिया और मेरि चूचि को दबाने लगे और इस तराह से उनके लनद से थोदा सा रस और निकला जिसे मैन चात गयि और फ़िर अब्बु ने अपना लनद मेरि गानद मे धास दिया और उस दिन अब्बु और भै 2नो ने मेरि गानद हि मारि थि मेरि बुर के साथ कोइ हरकत नहि कि थि और फ़िर रात को दुबारा भि उन लोगोन ने मेरि गानद एक एक बार और मारि अब मेरि गानद परपरा रहि थि और सुभा अब्बु ने कहा
कयोन रानि बेति कया खयाल है कया अब भि 5 जन से चुदवाओगि तब मैने गुस्से से कहा साला बेतिचोद भोसदि वाले कहा ना चुदवाना है तो चुदवाना है तब अब्बु मुसकुरा कर बोले कोइ बात नहि आज कि रात तैयार रहना आज 5 लोगोन को लेकर आउनगा और फ़िर मुझे अब्बु से ननि कि चुदायि कि बात भि जानि थि आज रात मुझे 5 जन से एक साथ चुदायि का मज़ा आने वाला है मगर मुझे अफ़सोस है कि इस्स रेदरस कि बहुत सारि लदकियोन को सायद आज भि कोइ लनद नसीब नहि होगा और उनहे मोमबत्ति से काम चलाना पदेगा कयोन कि हर लदकि मेरि तराह बाप और भै से नहि चुदवा सकति
Thursday, April 24, 2008
मेरी लडकी

मेरी लडकी
हेल्लो दोसतोन मैन इस्सका रेगयलर रेअदेर हुन । मेरि अगे 49 है । मेरि लरकि कि अगे 20 है । येह मेरि सचि कहनि है जो मैन आप सब को बतना चता हुन । कुन कि मैन फ़निली सेक्स को परोमोते करना चता हुन इस लिये मैन येह सतोरी लिख रहा हुन ।
दोसतोन मेरि बिबि आज से 6 साल पहिले मर गै थि और उस तिमे मेरि लरकि कि उमर 14 साल थि उस के महिने ( मोनथली पेरिओद ) सुरु हो चुके थे । मेरि 1 हि औलद है और वो भि लरकि है । पर मेरि बिबि के मरने से पहिले मेरि लरकि कविता ने कफ़ि बार मेरे को मेरि बिबि और मैद के सथ सेक्सकरते देखा था पर उस ने कभि बतया नहि
मेरि बिबि के मरने के तेरेहविन के बाद मेरि लरकि कविता और मैन अकेले घर मैन थे और रात को हुम दोनो अकेले रूम मैन सो रहे थे । कविता घर के सारे काम कर के मेरे पस्स आ गै और मेरे बेद पर बैथ गै । मैन उस के सिर ( हेअद ) पर हथ फ़ेरने लगा और उस को पयर से बोलने लगा उस को समझया कि तेरि मा नहि है अब मैन हि तेरि मा और बाप हुन । थोरि देर तक येह कहने के बाद मैने कविता को सोने के लिये कहा ।
" पपा जि मेरे को मा कि याद आ रहि है । अकेले मैन नीनद नहि अये गि ।" मैने कविता को कहा "बेति तु मेरे सथ मेरे बेद पर सो जा 2 - 4 दिनो मैन तेरे को अदत पर जये गि और तेरे को मा कि याद भि नहि अये गि ।'" कविता मेरे बेद पर मेरे बगल मैन लेत गै मेरि तरफ़ बसक कर के ।
मेरे दिल मचल गया और मैने सोच कि येह आज अछा मौका है अगर बात बन गै तो मेरे को नै नै चुतून कि कमि नहि रहे गि । सो मैने कविता को अपनि तरफ़ किनच के अपने नजदीक कर लिया औरुस को पयर करने लगा । मैने कव कि गरदन और पीथ पर किस्सेस कि । कविता भि मेरे कफ़ि नजदीक आ गै वो तो बचि थि और नसमझ थि उस को मेरे इरदे का पता नहि था सो वो मेरे पयर को बाप का पयर समहज कर लेति रहि और बोलि " पपा जि मेरे को आप के पयर करने से अछा लग रहा है । आप मेरे को ऐसे हि पयर करो ।"
मैने कविता कि चोति सि चुचि को पकर लिया और उस कि चुत पर अपना हथ ले गया । चुत गिलि थि और थोरा थोरा खुल और बनद हो रहि थि । मैन समझ गया कि चुत मसत है और चोदने मैन कलोइ नुकसन नहि है । आज उस को बक्ष दिया तो वो कभि नहि मने गि । सो मैने उस कि पजमि उतर दि और उस कि चुर पर हथ फ़ेरने लगा और 1 हथ से उस कि चुचिअन दबने लगा । उस कि सिसकिअन निकल रहि थि । आआआअह्हह्हह्हह्हह्हाआआआआआआआ ईईईईईईईईईस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सस्सीईईईईईईईई
ऊऊऊऊऊऊऊउम्मम्मम्मम्मम्मम्मम्ममह्हह्हह्हह्हह्हह्हाआआआ
ऊऊऊऊऊऊऊओईईईईईईईईईईइम्मम्मम्मम्मम्मम्मम्मम्मम्ममाआआआआआआ
मेरा लयरा उस कि गनद पर लग रहा था । मैने मेरे पजमा और कछे को उतर दिया । मेरा गरम लौरे 7 इनच का मेरि बेति कि गनद पर लग रहा था ।
कफ़ि देर तक उस से उपर का सेक्स करने के बाद मैने कविता को बिलकुल ननगि कर लिया और बेद पर उस को पीथ के बल लेता लिया । और उस कि चुत पर अपना 15 दिन का भुका लौरा उस कि चुत मैन धकेल दिया । वोजोर से चिल्लयी । " मरगैईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई मेरिफ़तगैईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईइ । ऊऊऊऊऊईईईईईईईईईईम्मम्मम्मम्मम्मम्मम्मम्मम्मम्ममाआआआआआआआआआआआअ
पर मैन रुका नहि और मैने 10 - 15 धक्के जोर जोर से कविता कि चुत मैन लगये । तब तक उस का सरद भि कम हो गया था और वोथोरा थोरा मजा ले के सिसकने लगि आआअह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्हह ऊऊऊऊऊऊम्मम्मम्मम्मम्मम्मम्मम्मम्मह्हह्हह्हह्हह्हह्हाआआआआआआआ पपजि मेरे को थोरा थोरा मजा आ रहा हैईईईईईईईईईईईईइ
मैने कहा बेति तेरे को और भि मजा अये गा तु मसत मैन चुदा मेरे से । इस तरहा से मैने उस कू उद बार 5 मिन तक चोदा और मेरा लौरा उस कि नै नै चुत मैन खलि हो गया । मैने लुनद उस कि चुत से निकल लिया और उस को बथ रूम मैन ले गया और उस कि चुत का बलाद साफ़ किया और चुत मैन अफ़तेर शवे लोतिओन लगया बलूद बनद करने के लिये । बेति कि चुत मैन जलन होने लगि ।बलूद तोबकनद हो गया । फ़िर मैनेदोबरा उस कि चुत मैन पानि दला और जलन बनद कि ।
फ़िर हुम रूम मैन आ गये और बेद पर बेथ गये । कविता मेरि गोदि मैन थि और मेरा हथ उस कि चुचि पर। " पपा जि आप मुम्मी को भि इस तरह ऐ करते थे ? "
" नहि बेति उस को तो मैन कफ़ि जोर से चोदता था । "
" पर पपा जि आप तो मुन्नि को भि तो चोदते हो मैन कफ़ि बार देखा है और मुम्मी को भि आप से मरवते देखा है "
" अछा तो तुम हुम को चुप के देखति थि "
" हान पपा जि । मेरे को तो आज मजा आ गयक । पता हि नहि लगा कि आप ने कब मेरे को तयर कर लिया । मैन जब आप को मुम्मी या मुन्नि के सथ करते देखति थि तब मेरा भि मन करता था कि आप मेरे को भि चोदो । "
दोसतोन इस तरह हुम दोनो दोबरा से गरम हो गये और मैने कविता को मेरा लौरा चुसने को कहा और मैने उसकि चुर चुसि । सच मैन कविता को कफ़ि मजा आया औरदोबरा मेरा फ़न फ़नता लौरा कविता कि चुत मैन दल दिया । इस बार कविता को कफ़ि मजा आया औरवो मेरे लुनद कि ताल से ताल मिला के मेरि चुदै कमजा लेने लगि ।
उस के बाद तो मैने कविता को दैली चोदना सुरु कर दिया और धिरे धिरे कविता को उस कि सहिलिअन भि लने के लिये तयर कर लिया और उस कि 5 - 6 फ़रनस कि भि सेअल तोरि ।
दोअतोन उमीद है आप को मेरि कहनि अछि लगि होगि ।अगर कोइ फ़ेम येह कहनि परहति है और वो मेरे से फोने या रेअल सेक्स चति है तो मेरे को एमैल करे या मेरि chat id chutkapisu_lundgirdhari@yahoo.com पर ए मैल करे ।
कोइ अदमि मेरे से अपनि बिबि शरे करने चता है तो भि मेरे को मैल करे या ओफ़्फ़ लिने मषग दे।
माइ स्वीट गर्लफ़्रेंड

माइ स्वीट गर्लफ़्रेंड
मेरा नाम कमल है। मैं 25 साल का हूं। मेरी गर्लफ़्रेंड का नाम स्वेता है वो 22 साल की है। और उसकी फ़ीगर तो ऐसी थी की पूछो मत। वो बहुत ही सुंदर है, एकदम गोरी चिट्टी लम्बे लम्बे काले बाल, हाइट करीब 5'5" और फ़ीगर 36-25-38 है। उसका फ़ीगर मस्त है। हम दोनो घर से बाहर आगरा में एक ही रूम में रह कर पढ़ते थे। मैं ने रूम में पढ़ने के लिये कुछ गंदी किताबें रखी हुई थी। जो एक दिन स्वेता के हाथ लग गयी। इसलिये मैं अपने लंड और वो अपनी चूत की प्यास नही रोक सके। वो बोली मैं ही तुम्हारी वाइफ़ बन जाती हूं और मुझे अपनी ही समझो और मेरे साथ सेक्स करो। वो जींस शर्ट में आयी और बोली चलो शुरू हो जाओ। उसने मुझे किस करना शुरु कर दिया मेरे लिप्स को वो बुरी तरह से किस करने लगी। मैं भी जोश मे आ गया और उसको किस करने लगा। और उसको अपनी बाहों मे दबाने लगा। उसको मैं ने खींच के बेड पे लिटा दिया और मैं उसके ऊपर आ गया और उसको चूमना शुरु कर दिया। 10 मिनट तक मैं उसको चूमता रहा।
फिर मैं ने उसका शर्ट खोल दिया । उसके बाद मैं ने उसकी ब्रा भी खोल दी। जैसे ही मैं ने ब्रा खोली तो उसके दूध उछल के बाहर आ गये मैं उसे देखकर उसको दबाने लगा। कितने दिनो के बाद इसके पूरे के पूरे बूब्स देखने को और दबाने को मिले फिर मैं ने उसकी निप्पल को मुंह मे रख दिया और चूसने लगा वो आआआह्हह्हह्हह्हहाआआआह्हह्हह्हहाह्हह्हह कर रही थी। मैं उसे चूसता ही रहा थोड़ी देर बाद मैं ने उसकी जींस खोल कर उसको पैंटी पे ला दिया उसकी चूत बहुत गरम हो गयी थी तो उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी। मैं ने पैंटी को निकाल के उसकी चूत को फैला के चाटने लगा। वो सिसकारी भर रही थि। अहाआआ अस्सस्सशहस आआआअह्हह्हह्हह्हस्सस्स स्सशाआ आआहस्सह्हस्सस अह्हह्हह्हह्हह ह्हहह्हह हस्साआ आअह्ह ह्हहा ह्हह्हाआ ह्हह्हाहह…
वो मेरे लंड को हाथ में लेकर खींच रही थी और कस कर दबा रही थी। फिर स्वेता ने कमर को ऊपर उठा लिया और मेरे तने हुए लंड को अपनी जांघो के बीच लेकर रगड़ने लगी। वो मेरी तरफ़ करवट लेकर लेट गयी ताकि मेरे लंड को ठीक तरह से पकड़ सके। उसकी चूची मेरे मुंह के बिल्कुल पास थी और मैं उन्हे कस कस कर दबा रहा था। अचानक उसने अपनी एक चूची मेरे मुंह मे ठेलते हुए कहा, चूसो इनको मुंह में लेकर। मैं ने उसकी लेफ़्ट चूची मुंह में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगा। थोड़े देर के लिये मैं ने उसकी चूची को मुंह से निकाला और बोला, मैं हमेशा तुम्हारी कसी चूची को सोचता था और हैरान होता था। इनको छूने की बहुत इच्छा होती थी और दिल करता था कि इन्हे मुंह में लेकर चूसू और इनका रस पीऊं। पर डरता था पता नहीं तुम क्या सोचो और कहीं मुझसे नाराज़ न हो जाओ। तुम नहीं जानती स्वेता कि तुमने मुझे और मेरे लंड को कितना परेशान किया है? अच्छा तो आज अपनी तमन्ना पूरी कर लो, जी भर कर दबाओ, चूसो और मज़े लो; मैं तो आज पूरी की पूरी तुम्हारी हूं जैसा चाहे वैसा ही करो, स्वेता ने कहा। फिर क्या था, स्वेता की हरी झंडी पाकर मैं जुट पड़ा स्वेता की चूची पर।
मेरी जीभ उसके कड़े निप्पल को महसूस कर रही थी। मैं ने अपनी जीभ स्वेता के उठे हुए कड़े निप्पल पर घुमाया। मैं ने दोनो अनारों को कस के पकड़े हुए था और बारी बारी से उन्हे चूस रहा था। मैं ऐसे कस कर चूचियों को दबा रहा था जैसे कि उनका पूरा का पूरा रस निचोड़ लुंगा। स्वेता भी पूरा साथ दे रही थी। उसके मुंह से ओह! ओह! अह! सी, सी! की आवाज निकल रही थी। मुझसे पूरी तरह से सटे हुए वो मेरे लंड को बुरी तरह से मसल रही थी और मरोड़ रही थी। उसने अपनी लेफ़्ट टांग को मेरे कंधे के उपर चढ़ा दिया और मेरे लंड को अपनी जांघो के बीच रख लिया। मुझे उसकी जांघो के बीच एक मुलायम रेशमी एहसास हुआ। ये उसकी चूत थी। स्वेता ने पैंटी नहीं पहन रखी थी और मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी झांटों मे घूम रहा था। मेरा सब्र का बांध टूट रहा था। मैं स्वेता से बोला, ‘स्वेता मुझे कुछ हो रहा और मैं अपने आपे मे नहीं हूं, प्लीज मुझे बताओ मैं क्या करौं? स्वेता बोली, करो क्या, मुझे चोदो, फाड़ डालो मेरी चूत को।
मैं चुपचाप उसके चेहरे को देखते हुए चूची मसलता रहा। उसने अपना मुंह मेरे मुंह से बिल्कुल सटा दिया और फुसफुसा कर बोली, अपनी स्वेता को चोदो’ स्वेता हाथ से लंड को निशाने पर लगा कर रास्ता दिखा रही थी और रास्ता मिलते ही मेरा लंड एक ही धक्के में सुपाड़ा अंदर चला गया। इससे पहले कि स्वेता सम्भले या आसन बदले, मैं ने दूसरा धक्का लगाया और पूरा का पूरा लंड मक्खन जैसी चूत की जन्नत में दाखिल हो गया। स्वेता चिल्लाई, उईई ईईईइ ईईइ माआआ हुहुह्हह्हह ओह रोहित, ऐसे ही कुछ देर हिलना डुलना नहीं, हाय! बड़ा जालिम है तुम्हारा लंड। मार ही डाला मुझे तुमने मेरे राजा। स्वेता को काफ़ी दर्द हो रहा था। पहली बार जो इतना मोटा और लम्बा लंड उनके बुर में घुसा था। मैं अपना लंड उसकी चूत में घुसा कर चुपचाप पड़ा था। स्वेता की चूत फड़क रही थी और अंदर ही अंदर मेरे लौड़े को मसल रही थी। उसकी उठी उठी चूचियां काफ़ी तेज़ी से ऊपर नीचे हो रही थी। मैं ने हाथ बढ़ा कर दोनो चूची को पकड़ लिया और मुंह में लेकर चूसने लगा। स्वेता को कुछ राहत मिली और उसने कमर हिलानी शुरु कर दी। फिर स्वेता बोली, अब लंड को बाहर निकालो, लेकिन मैं ने मेरा लंड धीरे धीरे स्वेता की चूत में अंदर-बाहर करने लगा। फिर स्वेता ने स्पीड बढ़ाने को कहा। मैं ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और तेज़ी से लंड अंदर-बाहर करने लगा। स्वेता को पूरी मस्ती आ रही थी और वो नीचे से कमर उठा उठा कर हर शोट का जवाब देने लगी। रसीली चूची मेरी छाती पर रगड़ते हुए उसने गुलाबी होंठ मेरे होंठ पर रख दिये और मेरे मुंह में जीभ ठेल दिया।
चूत में मेरा लंड समाये हुए तेज़ी से ऊपर नीचे हो रहा था। मुझे लग रहा था कि मैं जन्नत पहुंच गया हूं। जैसे जैसे वो झड़ने के करीब आ रही थी उसकी रफ़्तार बढ़ती जा रही थी। कमरे में फच फच की आवाज गूंज रही थी मैं स्वेता के ऊपर लेट कर दनादन शोट लगाने लगा। स्वेता ने अपनी टांग को मेरी कमर पर रख कर मुझे जकड़ लिया और जोर जोर से चूतड़ उठा उठा कर चुदाई में साथ देने लगी। मैं भी अब स्वेता की चूची को मसलते हुए ठका ठक शोट लगा रहा था। कमरा हमारी चुदाई की आवाज से भरा पड़ा था। स्वेता अपनी कमर हिला कर चूतड़ उठा उठा कर चुदा रही थी और बोले जा रही थी, “अह्हह आअह्हह्हह उनह्हह्ह ऊओह्हह्ह ऊऊह्हह्हह हाआआन हाआऐ मीईरे रज्जज्जजा, माआआअर गयययययये रीईए, लल्लल्लल्ला चूऊओद रे चूऊओद।
उईईईई मीईईरीईइ माआअ, फाआआअत गाआआयीई रीईई शुरु करो, चोदो मुझे। लेलो मज़ा जवानी का मेरे राज्जज्जा,” और अपनी गांड हिलाने लगी। मैने लगातर 30 मिनट तक उसे चोदा। मैं भी बोल रहा था, “लीईए मेरीईइ रानीई, लीई लीईए मेरा लौड़ा अपनीईइ ओखलीईए मीईए। बड़ाआअ तड़पयययययया है तूनीई मुझीई। लीईए लीई, लीई मेरीईइ स्वेताआअ ये लंड अब्बब्बब तेराआ हीई है। अह्हह्हह्ह! उह्हह्हह्हह्ह क्या जन्नत का मज़ाआअ सिखयाआअ तुनीईए। मैं तो तेरीईईइ गुलाम हूऊऊ गयीईए।” स्वेता गांड उछाल उछाल कर मेरा लंड चूत में ले रही थी और मैं भी पूरे जोश के साथ उसकी चूचियों को मसल मसल कर अपनी स्वेता को चोदे जा रहा था। स्वेता मुझको ललकार कर कहती, लगाओ शोट मेरे राज”, और मैं जवाब देता, “ये ले मेरी रनी, ले ले अपनी चूत में। “जरा और जोर से सरकाओ अपना लंड मेरी चूत में मेरे राज”, “ये ले मेरी रानी, ये लंड तो तेरे लिये ही है।” “देखो राज्जज्जा मेरी चूत तो तेरे लंड की दिवानी हो गयी, और जोर से और जोर से आआईईईईए मेरे राज्जज्जज्जजा। मैं गयीईईईईए रीई,” कहते हुए मेरी स्वेता ने मुझको कस कर अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसकी चूत ने ज्वालामुखी का लावा छोड़ दिया। अब तक मेरा भी लंड पानी छोड़ने वाला था और मैं बोला, “मैं भी अयाआआ मेरी जाआअन,” और मैने भी अपने लंड का पनी छोड़ दिया और मैं हांफ़ते हुए उसकी चूची पर सिर रख कर कस के चिपक कर लेट गया। तो दोस्तो ये थि मेरी स्वेता की चुदाई की जबरदस्त कहानी।
माइ स्वीट गर्लफ़्रेंड
माइ स्वीट गर्लफ़्रेंड
मेरा नाम कमल है। मैं 25 साल का हूं। मेरी गर्लफ़्रेंड का नाम स्वेता है वो 22 साल की है। और उसकी फ़ीगर तो ऐसी थी की पूछो मत। वो बहुत ही सुंदर है, एकदम गोरी चिट्टी लम्बे लम्बे काले बाल, हाइट करीब 5'5" और फ़ीगर 36-25-38 है। उसका फ़ीगर मस्त है। हम दोनो घर से बाहर आगरा में एक ही रूम में रह कर पढ़ते थे। मैं ने रूम में पढ़ने के लिये कुछ गंदी किताबें रखी हुई थी। जो एक दिन स्वेता के हाथ लग गयी। इसलिये मैं अपने लंड और वो अपनी चूत की प्यास नही रोक सके। वो बोली मैं ही तुम्हारी वाइफ़ बन जाती हूं और मुझे अपनी ही समझो और मेरे साथ सेक्स करो। वो जींस शर्ट में आयी और बोली चलो शुरू हो जाओ। उसने मुझे किस करना शुरु कर दिया मेरे लिप्स को वो बुरी तरह से किस करने लगी। मैं भी जोश मे आ गया और उसको किस करने लगा। और उसको अपनी बाहों मे दबाने लगा। उसको मैं ने खींच के बेड पे लिटा दिया और मैं उसके ऊपर आ गया और उसको चूमना शुरु कर दिया। 10 मिनट तक मैं उसको चूमता रहा।
फिर मैं ने उसका शर्ट खोल दिया । उसके बाद मैं ने उसकी ब्रा भी खोल दी। जैसे ही मैं ने ब्रा खोली तो उसके दूध उछल के बाहर आ गये मैं उसे देखकर उसको दबाने लगा। कितने दिनो के बाद इसके पूरे के पूरे बूब्स देखने को और दबाने को मिले फिर मैं ने उसकी निप्पल को मुंह मे रख दिया और चूसने लगा वो आआआह्हह्हह्हह्हहाआआआह्हह्हह्हहाह्हह्हह कर रही थी। मैं उसे चूसता ही रहा थोड़ी देर बाद मैं ने उसकी जींस खोल कर उसको पैंटी पे ला दिया उसकी चूत बहुत गरम हो गयी थी तो उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी। मैं ने पैंटी को निकाल के उसकी चूत को फैला के चाटने लगा। वो सिसकारी भर रही थि। अहाआआ अस्सस्सशहस आआआअह्हह्हह्हह्हस्सस्स स्सशाआ आआहस्सह्हस्सस अह्हह्हह्हह्हह ह्हहह्हह हस्साआ आअह्ह ह्हहा ह्हह्हाआ ह्हह्हाहह…
वो मेरे लंड को हाथ में लेकर खींच रही थी और कस कर दबा रही थी। फिर स्वेता ने कमर को ऊपर उठा लिया और मेरे तने हुए लंड को अपनी जांघो के बीच लेकर रगड़ने लगी। वो मेरी तरफ़ करवट लेकर लेट गयी ताकि मेरे लंड को ठीक तरह से पकड़ सके। उसकी चूची मेरे मुंह के बिल्कुल पास थी और मैं उन्हे कस कस कर दबा रहा था। अचानक उसने अपनी एक चूची मेरे मुंह मे ठेलते हुए कहा, चूसो इनको मुंह में लेकर। मैं ने उसकी लेफ़्ट चूची मुंह में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगा। थोड़े देर के लिये मैं ने उसकी चूची को मुंह से निकाला और बोला, मैं हमेशा तुम्हारी कसी चूची को सोचता था और हैरान होता था। इनको छूने की बहुत इच्छा होती थी और दिल करता था कि इन्हे मुंह में लेकर चूसू और इनका रस पीऊं। पर डरता था पता नहीं तुम क्या सोचो और कहीं मुझसे नाराज़ न हो जाओ। तुम नहीं जानती स्वेता कि तुमने मुझे और मेरे लंड को कितना परेशान किया है? अच्छा तो आज अपनी तमन्ना पूरी कर लो, जी भर कर दबाओ, चूसो और मज़े लो; मैं तो आज पूरी की पूरी तुम्हारी हूं जैसा चाहे वैसा ही करो, स्वेता ने कहा। फिर क्या था, स्वेता की हरी झंडी पाकर मैं जुट पड़ा स्वेता की चूची पर।
मेरी जीभ उसके कड़े निप्पल को महसूस कर रही थी। मैं ने अपनी जीभ स्वेता के उठे हुए कड़े निप्पल पर घुमाया। मैं ने दोनो अनारों को कस के पकड़े हुए था और बारी बारी से उन्हे चूस रहा था। मैं ऐसे कस कर चूचियों को दबा रहा था जैसे कि उनका पूरा का पूरा रस निचोड़ लुंगा। स्वेता भी पूरा साथ दे रही थी। उसके मुंह से ओह! ओह! अह! सी, सी! की आवाज निकल रही थी। मुझसे पूरी तरह से सटे हुए वो मेरे लंड को बुरी तरह से मसल रही थी और मरोड़ रही थी। उसने अपनी लेफ़्ट टांग को मेरे कंधे के उपर चढ़ा दिया और मेरे लंड को अपनी जांघो के बीच रख लिया। मुझे उसकी जांघो के बीच एक मुलायम रेशमी एहसास हुआ। ये उसकी चूत थी। स्वेता ने पैंटी नहीं पहन रखी थी और मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी झांटों मे घूम रहा था। मेरा सब्र का बांध टूट रहा था। मैं स्वेता से बोला, ‘स्वेता मुझे कुछ हो रहा और मैं अपने आपे मे नहीं हूं, प्लीज मुझे बताओ मैं क्या करौं? स्वेता बोली, करो क्या, मुझे चोदो, फाड़ डालो मेरी चूत को।
मैं चुपचाप उसके चेहरे को देखते हुए चूची मसलता रहा। उसने अपना मुंह मेरे मुंह से बिल्कुल सटा दिया और फुसफुसा कर बोली, अपनी स्वेता को चोदो’ स्वेता हाथ से लंड को निशाने पर लगा कर रास्ता दिखा रही थी और रास्ता मिलते ही मेरा लंड एक ही धक्के में सुपाड़ा अंदर चला गया। इससे पहले कि स्वेता सम्भले या आसन बदले, मैं ने दूसरा धक्का लगाया और पूरा का पूरा लंड मक्खन जैसी चूत की जन्नत में दाखिल हो गया। स्वेता चिल्लाई, उईई ईईईइ ईईइ माआआ हुहुह्हह्हह ओह रोहित, ऐसे ही कुछ देर हिलना डुलना नहीं, हाय! बड़ा जालिम है तुम्हारा लंड। मार ही डाला मुझे तुमने मेरे राजा। स्वेता को काफ़ी दर्द हो रहा था। पहली बार जो इतना मोटा और लम्बा लंड उनके बुर में घुसा था। मैं अपना लंड उसकी चूत में घुसा कर चुपचाप पड़ा था। स्वेता की चूत फड़क रही थी और अंदर ही अंदर मेरे लौड़े को मसल रही थी। उसकी उठी उठी चूचियां काफ़ी तेज़ी से ऊपर नीचे हो रही थी। मैं ने हाथ बढ़ा कर दोनो चूची को पकड़ लिया और मुंह में लेकर चूसने लगा। स्वेता को कुछ राहत मिली और उसने कमर हिलानी शुरु कर दी। फिर स्वेता बोली, अब लंड को बाहर निकालो, लेकिन मैं ने मेरा लंड धीरे धीरे स्वेता की चूत में अंदर-बाहर करने लगा। फिर स्वेता ने स्पीड बढ़ाने को कहा। मैं ने अपनी स्पीड बढ़ा दी और तेज़ी से लंड अंदर-बाहर करने लगा। स्वेता को पूरी मस्ती आ रही थी और वो नीचे से कमर उठा उठा कर हर शोट का जवाब देने लगी। रसीली चूची मेरी छाती पर रगड़ते हुए उसने गुलाबी होंठ मेरे होंठ पर रख दिये और मेरे मुंह में जीभ ठेल दिया।
चूत में मेरा लंड समाये हुए तेज़ी से ऊपर नीचे हो रहा था। मुझे लग रहा था कि मैं जन्नत पहुंच गया हूं। जैसे जैसे वो झड़ने के करीब आ रही थी उसकी रफ़्तार बढ़ती जा रही थी। कमरे में फच फच की आवाज गूंज रही थी मैं स्वेता के ऊपर लेट कर दनादन शोट लगाने लगा। स्वेता ने अपनी टांग को मेरी कमर पर रख कर मुझे जकड़ लिया और जोर जोर से चूतड़ उठा उठा कर चुदाई में साथ देने लगी। मैं भी अब स्वेता की चूची को मसलते हुए ठका ठक शोट लगा रहा था। कमरा हमारी चुदाई की आवाज से भरा पड़ा था। स्वेता अपनी कमर हिला कर चूतड़ उठा उठा कर चुदा रही थी और बोले जा रही थी, “अह्हह आअह्हह्हह उनह्हह्ह ऊओह्हह्ह ऊऊह्हह्हह हाआआन हाआऐ मीईरे रज्जज्जजा, माआआअर गयययययये रीईए, लल्लल्लल्ला चूऊओद रे चूऊओद।
उईईईई मीईईरीईइ माआअ, फाआआअत गाआआयीई रीईई शुरु करो, चोदो मुझे। लेलो मज़ा जवानी का मेरे राज्जज्जा,” और अपनी गांड हिलाने लगी। मैने लगातर 30 मिनट तक उसे चोदा। मैं भी बोल रहा था, “लीईए मेरीईइ रानीई, लीई लीईए मेरा लौड़ा अपनीईइ ओखलीईए मीईए। बड़ाआअ तड़पयययययया है तूनीई मुझीई। लीईए लीई, लीई मेरीईइ स्वेताआअ ये लंड अब्बब्बब तेराआ हीई है। अह्हह्हह्ह! उह्हह्हह्हह्ह क्या जन्नत का मज़ाआअ सिखयाआअ तुनीईए। मैं तो तेरीईईइ गुलाम हूऊऊ गयीईए।” स्वेता गांड उछाल उछाल कर मेरा लंड चूत में ले रही थी और मैं भी पूरे जोश के साथ उसकी चूचियों को मसल मसल कर अपनी स्वेता को चोदे जा रहा था। स्वेता मुझको ललकार कर कहती, लगाओ शोट मेरे राज”, और मैं जवाब देता, “ये ले मेरी रनी, ले ले अपनी चूत में। “जरा और जोर से सरकाओ अपना लंड मेरी चूत में मेरे राज”, “ये ले मेरी रानी, ये लंड तो तेरे लिये ही है।” “देखो राज्जज्जा मेरी चूत तो तेरे लंड की दिवानी हो गयी, और जोर से और जोर से आआईईईईए मेरे राज्जज्जज्जजा। मैं गयीईईईईए रीई,” कहते हुए मेरी स्वेता ने मुझको कस कर अपनी बाहों में जकड़ लिया और उसकी चूत ने ज्वालामुखी का लावा छोड़ दिया। अब तक मेरा भी लंड पानी छोड़ने वाला था और मैं बोला, “मैं भी अयाआआ मेरी जाआअन,” और मैने भी अपने लंड का पनी छोड़ दिया और मैं हांफ़ते हुए उसकी चूची पर सिर रख कर कस के चिपक कर लेट गया। तो दोस्तो ये थि मेरी स्वेता की चुदाई की जबरदस्त कहानी।
बड़ा चोदक्कड़ गुजरात ओनली

बड़ा चोदक्कड़ गुजरात ओनली
Hi, I am Kalp from Gujarat. Today I am going to narrate my true incident with my girlfriend. First I introduce my self. My name is Ravi, age 21 year and my girl friend is Geetu, 20 year old. Now I tell my story in Hindi. हमारी दोस्ती को हुए 1.5 साल हो गया था पर मैने उसे अब तक छुआ तक नहीं था। एक दिन जब हम रोक गार्डन गये हुए थे तो मैं उसे सिर्फ़ किस ही किया और जब मैं उसके बूब्स पर हाथ लगाने लगा तो वो गुस्सा कर गई और कम से कम एक महीने मुझसे बात नहीं की, आखिर मैने भी उसे एक दिन मना ही लिया और उसको कहा के ये सब तो चलता रहता है तो वो बोली के मेरे को ये सब अच्छा नहीं लगता तो मैने कहा के अच्छा नहीं लगता तो नहीं करूंगा, उस दिन के बाद हम दोनो मिलते तो थे पर किस तक ही सीमित थे, पर अब मेरे से सब्र नहीं होता था और मैं उसे चोदने की योजना बनाने लगा। फिर एक बार जब मैं गरमियों में उससे मिलने गया तो वो बोली कि आज तुम ओफ़िस से छुट्टी कर लो आज बैठ के बातें करेंगे, तो मैने ओफ़िस फोन कर के बोल दिया के आज मैं नहीं आउंगा, उसके बाद हम दोनो कुछ देर उसके कोलेज में ही बैठे रहे। फिर मैने उससे पूछा कि कहीं चलते हैं तो वो भी मान गयी पर उस टाइम 12.40 बज रहे थे उस टाइम न तो हमें फ़िल्म का टिकट मिलना था न ही हम किसी गार्डन में जा सकते थे क्योंकि दिल्ली में अधिकांश 12:30 तक सारे सिनेमा में शो स्टार्ट हो जाते हैं और गार्डन में इसलिये नहीं जा सकते हैं क्योंकि वहां पर गर्मी बहुत होती है।
फिर मैने कहा के मेरे रूम पर चलते हैं पर वो मना कर रही थी कह रही थी कि मुझे डर लगता है कि कही कुछ हो गया तो, पर मैने उसे तसल्ली दी और कहा कि अगर तुम्हे मुझ से प्यार है और अगर तुम मुझ पर भरोसा करती हो तो चल सकती। इस पर वो बोली कि तुम मेरी कसम खाओ के तुम ऐसा वैसा कुछ नहीं करोगे मैने उसकी कसम खा ली और वो तैयार हो गई। रास्ते में सोचता रहा के कसम तो खा ली पर उसको चोदुंगा कैसे। फिर जब मैं और वो मेरे रूम पर पहुंचे तो मैने दरवाजा बंद करने लगा, तो वो बोल पड़ी के दरवाजा क्यों बंद कर रहे हो मैने कहा कि अगर कोई देख लेगा तो क्या कहेगा कि कौन है और मैने दरवाजा बंद कर दिया। उसके बाद मैं बेड पर उसके साथ बैठ गया और बातें करने लगे, बातें करते करते मैने उसके कंधे पर हाथ रखा और उसके लिप्स पर किस करने लगा पर ये किस 15 मिनट तक चलता रहा और मैं उसकी छाती पर हाथ फिराना शुरु कर दिया उसने विरोध नहीं किया और धीरे धीरे मैं उसकी वेली से होता हुआ उसकी चूत को सलवार के ऊपर से हाथ सहलाने लगा। अब मेरे लिप्स उसके लिप्स से किस कर रहे थे और एक हाथ उसके बूब्स पर और एक हाथ उसकी चूत पर था। अब मैं धीरे धीरे उसकी गर्दन और उसके बाद उसके बूब्स को कमीज के ऊपर से चूसने करने लगा तो उसके मुंह से अजीब से आवाजें आने लगी तो मैं समझ गया कि अब वो गरम हो चुकी है उसके बाद मैने धीरे धीरे एक हाथ कमीज के अन्दर डाल दिया और ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स को दबाने लगा।
बाद में मैने उसकी कमीज उतार दिया वो कुछ नहीं बोली क्योंकि वो पूरी तरह गरम हो चुकी थी। उसने सेक्सी लेस काली ब्रा पहन रखी थी और वो अपने बूब्स अपने दोनो हाथों से छुपाने लगी, मैं समय न गंवाते हुए उसे दोबारा किस करना शुरु कर दिया और उसकी ब्रा के ऊपर से बूब्स को सहलाता रहा फिर उसकी पीठ पर हाथ ले जा के उसकी ब्रा के हुक भी खोल दिये। अब वो मेरे सामने बिल्कुल टोपलेस थी। मैने उसे बेड पर लिटाया और उसके बूब्स चूसने लगा। 20 मिनट तक उसके बूब्स चूसने के बाद मैने उसकी सलवार की तरफ़ हाथ बढ़ाया और उसका नाड़ा खोल दिया और उसके बूब्स को चूसना चालू रखा। उसके मुंह से अजीब अजीब से आवाजें आ रही थी, मैने सोचा कि कहीं पड़ोसी सुन लेंगे तो प्रोब्लम हो जायेगी इसलिये मैने उसके बूब्स चूसते हुए सीडी का बटन ओन कर दिया अब म्युज़िक जोर से बजने लगा और किसी को कुछ सुनाई देने का तो नाम ही नहीं था। अब मैने उसकी सलवार धीरे धीरे उतारनी शुरु कर दी। उसकी सलवार उतारने के बाद मैं उसकी चूत को उसकी काली पैंटी के ऊपर से चूमने लगा। तो वो और जोर से सिसकियां लेने लगी। धीरे धीरे मैने उसकी पैंटी को भी उतार दिया और उसकी चूत को चूमने लगा।
अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी पड़ी हुई थी और कुछ बोल भी नहीं रही थी। मैं लगभग 10 मिनट तक उसकी चूत को चूसता रहा और जैसे ही उसकी चूत झड़ने वाली थी मैने चाटना छोड़ दिया तो वो बिना पानी की मछली की तरह तड़ओ उठी और खुद ही अपनी उंगली चूत में डालने लगी मैं उसके दोनो हाथ कस के पकड़ लिया तो वो मेरे आगे गिड़गिड़ाने लगी कि प्लीज़ मेरी चूत को चूसो तो मैने कहा सालि पहले तो बहुत अकड़ती थी आज क्यों नहीं अकड़ रही है, तो वो दोबारा गिड़गिड़ाने लगी। मैने उससे कहा कि मैने तुम्हारी चूत एक शर्त पर चूसुंगा पहले तुम्हे मेरा लंड चूसना होगा वो मान गयी और मैने उसे मेरे कपड़े उतारने को कहा तो वो जल्दी जल्दी मेरे कपड़े उतार दिये और मेरे 7 इंच और 3.5 इंच मोटे लंड को देख कर बोली कि ये मेरे मुंह में कैसे आयेगा तो मैने कहा कि साली मैं बताता हूं और मैने अपना लंड उसके मुंह मैने थोड़ा सा डाल दिया उसके बाद धीरे धीरे वो खुद ही बढ़ाती गयी और मेरे पूरे लंड को मुंह में डाल के चूसने लगी। और उसका एक हाथ मेरे बाल्स के साथ खेल रहा था। और मैं उसके बूब्स के साथ खेल रहा था। थोड़ी देर चूसने के बाद वो वोली कि अब तुम मेरी चूत चूसो तो मैने कहा कि चलो 69 की पोजिशन में हो जाओ तो वो बोली के वो क्या होता है तो मैने उसे बताया कि 69 क्या होता है और इस तरह हम दोनो 69 की पोजिशन में आ गये और एक दूसरे को चूसने लगे। बीच बीच में उसकी चूत में उंगली भी डाल रहा था तो वो कह रही के दर्द होता है। और 10 मिनट के बाद वो झड़ गयी और मैं उसका जूस पी गया। मुझे अच्छा लगा और मैं उसकी चूत को चूसता रहा, उसके बाद वो दोबारा गरम हो गई और जैसे ही मैने चूसना बंद किया तो वो दोबारा गिड़गिड़ाने लगी कि चूसो।
तो मैने कहा के अब मैं नहि चूसुंगा बल्कि तुम्हारी चूत में लंड डालुंगा तो वो कहने लगी कि इतना बड़ा मेरी चूत में कैसे जायेगा, मुझे तो तुम्हारी उंगली से भी दर्द होता है तो ये कैसे सहन करूंगी तो मैने उसे कहा कि तुम्हे डरने की जरूरत नहीं है थोड़ी देर दर्द होगा बाद में तुम भी एंजोय करोगी और मैने कहा कि ये औरतों की चूत का होल बहुत बड़ा होता है क्योंकि यहां से इतना बड़ा बच्चा निकल जाता है तो मेरा लंड तो आराम से आयेगा। उसके बाद मैने तेल लेके थोड़ा से अपने लंड पर और बाकी उसकी चूत के लिप्स को हटा कर वहां पर लगा दिया। और अपना लंड उसकी चूत में अंदर डालने की बजाय लिप्स पर ही रगड़ने लगा तो वो थोड़ी देर में ही चिल्ला उठी प्लीज़ अंदर करो। उसके बाद मैने थोड़ा सा अन्दर किया तो वो दर्द से चिल्लाने लगी, तो मैने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये और अपने लंड को वहीं पर रख कर थोड़ा सा हिलाने लगा जब वो एंजोय करने लगी तो मैने एक जोर से झटका दिया और मेरा लंड उसकी चूत में चला गया और वो दर्द से तड़पने लगी। पर मेरे सब्र का बांध टूट चुका था और मैने उसकि परवाह न करता हुए अपने लंड को अन्दर बाहर करने लगा। वो थोड़ी देर दर्द महसूस करती रही पर बाद में वो भी एंजोय करने लगी और उसके मुंह से आवाजें आने लगी "आअह्हह्हह ओर जोर से चोदो रवि और जोर से और अन्दर करो" तो मैने कहा क्यों ये सब तो तेरे को अच्छा नही लगता था साली अब लंड का स्वाद आ रहा है न। तेरी तो आज मैं पूरी फाड़ दूंगा। और लगभग 15 मिनट की चुदाई के बाद मेरा छूटने वाला था (इस बीच वो दो बार चूत चुकी थी)।
मैने उसको कहा कि मैं झड़ने वाला है और उससे पूछा कि अन्दर छोड़ु कि बाहर, तो उसने बोला के बाहर ही छोड़ना मैं प्रिगनेंट नहीं होना चाहती है और मैने उसकी चूत से लंड निकाल कर उसके मुंह में डाल दिया और mouth fuck करने लगा। थोड़ी देर में मैं झड़ गया। उसका मुंह मेरे वीर्य से भर गया। कुछ तो उसने निगल लिया और बाकी बाहर उसके चेहरे से होता हुआ उसकी गरदन पर गिर गया। उसके बाद मैं थोड़ी देर उसके ऊपर लेट गया और उसको किस करता रहा और अपने माल को उसके बूब्स पे मलता रहा। लगभग 15 मिनट रेस्ट करने के बाद हम दोनो उठे और अब शाम होने लगी थी और उसने घर भी जाना था तो हम दोनो ने अपने आप को फ़्रेश किया। और उसको घर के पास छोड़ कर आ गया। आके मैने उसके खून और हम दोनो के रज से खराब हुई बेडशीट को साफ़ किया। All u sexy and horny girls from gujarat can mail me and I will reply u all, but only serious girl who want sex and excitement in their life can mail me.our relation ship will be secretly maintained. Hope next time some new sexy girl will be there in my story. It should be a secret relationship, nobody other than you and me should know about us, ok. Your e-mail address will be kept strictly confidential. My EMAIL: pkalpesh2002@yahoo.co.in
भाभी की जमकर गांड मारी

भाभी की जमकर गांड मारी
मैं शर्मीला हीरो पटना बिहार से एक स्टोरी लेके आया हूं। जवान औरत से सेक्स करना और औरत को चोदना हर जवान लड़के का सपना होता है। मेरा भी था कि किसी अल्हड़, मस्त, जवान औरत की गांड और चूत मारी जाये और उसकी गांड में ज़बान डाल कर उसका रस चखा जाये। औरत की भरी-भरी कसी-कसी उठान लिये ब्लाउज़ में कैद दूध से भरी चूचियां हमेशा हिलते हुए मुझे अपनी ओर अकार्षित करती और मैं उनको दबाने के सपनो में खो जाता कि कब ब्लाउज़ के बटन खोल उन चूचियों को आज़ाद करुंगा, ब्लाउज़ के हुक खोल कर, ब्रा को हटा कर, दोनो चूचियां अपने हाथों में लेकर दबाउंगा। कब औरत के बूब्स, स्तन मेरे हाथों में आयेंगे? कब मैं भी उन निप्पलों को मुंह में लेकर पी पाउंगा? मोहल्ले की हर जवान, गोरी, सुन्दर और प्यारी भाभी के बारे में सोचता रात को ये कितना मज़ा लुटवाती होंगी और लंड की सवारी कर रोज़ जन्नत घूमने जाती होंगी। हर भाभी भी मुझसे बहुत घुली-मिली थी, कभी भी कोई काम होता तो उनका ये देवर हमेशा काम करने को तैयार रहता था।
एक बार मेरे एक दूर के भैया हमारे यहां अपनी बीवी के साथ रहने आये। बात एक रात की है कि मुझे गरमी के कारण नींद नही आ रही थी। हम ऐसे ही बाहर आंगन में निकल आ गये। सामने बेडरूम की खिड़की से हल्की ट्यूब लाइट की रोशनी बाहर आ रही थी क्योंकि खिड़की के कांच पर कपड़ा पड़ा था। परन्तु खिड़की का एक दरवाज़ा हल्का टेढ़ा खुला था ताकि साफ़ हवा कमरें में आ जा सके। मैने सोचा ये भैया क्या पढ़ रहे हैं? मैने बस हल्के से दबे पांव पास जाकर खिड़की के नीचे से अन्दर देखा तो मेरी सांस जैसे रुक गयी। भाभी पूरी नंगी होकर पेट के बल लेटी थी और उनकी मस्त, मांसल गांड ऊपर की ओर थी। भैया उनकी पीठ पर सरसों के तेल से मसाज कर रहे थे साथ-साथ वो उनके चुतड़ की भी मसाज कर रहे थे। भाभी हल्के-हल्के मुंह से अह्हह्हह्हह।।।स्सस्सस्स। अह्हह्हह।। कर रहीं थी। ह्हह्हह्हह्हम्मम्मम्म।।म्मम्मम्मम्म।।ऊऊ। और जब भैया तेल लगा कर अपनी उंगली भाभी के चूतड़ को फैला कर गांड में अन्दर घुसा डालते तो भाभी कह उठती, "धीरे-धीरे डालो बाबा दर्द होता है।" भैया लुंगी पहने अपने दोनो हाथो से उनके ऊपर जांघो पे बैठ कर दोनो चूतड़ों की मालिश कर रहे थे। गांड की मालिश से भाभी बहुत खुश नज़र आ रही थी। भाभी के उल्टा हो लेटने से मैने देखा, कि भैया हल्के से लेट कर पीछे से उनकी गांड में अपनी ज़बान भी लगा रहे थे, जिस से भाभी आआह्हह।।। ऊ।। करती जाती फिर पीछे से ही भैया ने भाभी के जांघों को को फैलाया जिससे उनकी चूत भी दो फांकों में बंट गयी